खुले बालों पर शायरी

खुले बालों पर शायरी – हर व्यक्ति के जीवन में बाल का बड़ा ही महत्व हैं. बाल सिर के बाल चेहरे की सुन्दरता को बढ़ाते हैं. स्त्रियों के सिर के सुंदर बाल हमेशा काव्य का एक हिस्सा रहा हैं. इस पोस्ट में “खुले बालों पर शायरी ( Khule Balon Par Shayari )” दी गयी हैं. इन शायरी को जरूर पढ़े.
बालों पर शायरी इन हिंदी | Balon Par Shayari in Hindi
जिस दिन वो अपने बाल खोलकर आती हैं,
ना जाने कितने दिलों को कैद करके ले जाती हैं.
मेरी जान तेरे इश्क़ में खोने को जी चाहता हैं,
तेरी खुले बालों की छाँव में सोने को जी चाहता हैं.
नागिन जैसे तुम्हारी जुल्फे जब लहराती है,
ना जाने कितने दिलों पर कहर बरसाती है.
तेरी जुल्फों का साया
जो चेहरे पे गिरता है,
दिल नहीं अब तो
रूक तक महकता है।
तेरी जुल्फों का साया
किसने भीगे हुए बालों से ये छटका पानी
झूम के आयी घटा टूट के बरसा पानी
– आरज़ू लखनवी
तेरे पनाह में आकर मैं अपने गम को भूल जाता हूँ,
तेरी खुली बालों के साये में गजब का सुकून पाता हूँ.
ऐ जुनूँ फिर मिरे सर पर वही शामत आई
फिर फँसा ज़ुल्फ़ों में दिल फिर वही आफ़त आई
आसी ग़ाज़ीपुरी
बालों को जो यूँ घुमा के पिन लगाती हो,
उसमें मेरा दिल कहीं खो जाता हैं.
देखने का जुनून और भी गहरा होता हैं,
जब तुम्हारे चेहरे पर बालों का पहरा होता हैं.
बालों की खूबसूरती शायरी
तेरी जुल्फें भी सावन की घटा जैसी हैं,
बरसें ना बरसें, मगर दिल भीग जाता है।
सावन की घटा जैसी जुल्फें