खेल शायरी | Khel Shayari

Khel Shayari in Hindi
इश्क़ का खेल अब यादों अजीब हो गया है,
अब इंसान का दिल बहुत गरीब हो गया है.
खेल शायरी
पता था इश्क़ के खेल का नतीजा जुदाई है,
मैंने ये बात अपने दिल को पहले ही बताई है.
जिंदगी का खेल जारी है,
अभी तो मैंने सिर्फ एक बाजी हारी है,
क्यों उदास हो जाए मन को मारकर
अभी मेरे पास बची बाजी सारी है.
खेल शायरी
वो जिंदगी का खेल हार जाते है,
जिनके जज्बात और जमीर मर जाते है.
गेम शायरी | Game Shayari
जिंदगी का खेल भी साइकिल की तरह है,
चलाने आ जाए तो आसान वरना कर दे परेशान।
खेल शायरी
जिसका खेल समझ में न आये उसे जादूगर कहते है,
जो खेल हार कर भी दिल जीत ले उसे बाजीगर कहते है.
Game Shayari
जिंदगी थी मेरी उसने बना दिया था खेल,
औरों के लिए थी खिड़की मेरे लिए थी जेल.
दुनिया खेलती रही मेरे साथ ताश के पत्तो की तरह,
जो जीता वो भी फेका और जो हार वो भी फेका।
खेल शायरी
नसीब के खेल को इश्क़ में मत आजमा,
अगर तू सच्चा है तो उसे पाने में पूरा दम लगा.
Game Shayari